New Year Resolution Essay In Hindi

अगर आप भी उन करोड़ों लोगों में से हैं जो नए साल पे कोई resolution, promise या प्रण   तो करते हैं पर उसे निभा नहीं पाते हैं तो ये  article  आपकी मदद कर सकता है.

पहली चीज,  आखिर लोग new year resolution लेते क्यों हैं ? शायद खुद में कोई positive बदलाव लाने के लिए, कोई अच्छी आदत डालने के लिए .क्या आपने कभी सुना है कि किसी ने ये resolution लिया हो कि कल से मैं 10 cigarette  और पियूँगा? नहीं सुना होगा ,पर ये ज़रूर सुना होगा कि कल से मुझे cigarette पीना छोड़ना है. यानि new year resolution  का मकसद तो बड़ा नेक होता है. पर सवाल ये उठता है कि आखिर इसे निभाना इतना मुश्किल क्यों होता है?क्यों ज्यादातर लोग अपने resolution  को महीने भर भी नहीं चला पाते हैं ? आज इस article के माध्यम से मैं आपके साथ “New Year Resolution कैसे निभाएं?” पर अपने thoughts share करूँगा :

कभी भी हो सकती है आपके resolutionकि शुरुआत

New Year Resolution कि शुरुआत 1 जनवरी  से ही हो ये ज़रूरी नहीं है. इसलिए  यदि आपने अभी तक कोई resolution न भी लिया हो तो कोई बात नहीं. और यदि आपने साल के शुरू में कोई resolution लिया था और वो एक दिन भी नहीं चल पाया तो भी कोई बात नहीं. जैसे हम पूरे महीने Happy New Year wish  करते रहते हैं उसी तरह हम पूरे महीने कभी भी new year resolution ले सकते हैं. और यदि resolution लेते लेते पूरी जनवरी निकल जाये तो आप आगे भी resolution  तो ले ही सकते हैं भले ही उसे new year resolution  न कह के simply  resolution  कहिये.

Resolve तभी करें जब सच-मुच आप इसकी ज़रूरत महसूस करें

अगर 31st December  को आपके मन में आता है की मुझे कल से office time से पहुचना है या मुझे कल से सुबह walk  पे जाना है और आप ये resolution  ले लेते हैं तो बहुत ज्यादा   chance  है की आपके इस प्रण के प्राण 24 घंटे के अंदर ही निकल जायेंगे.   क्योंकि ये resolution  बिना ज्यादा सोचे-समझे अचानक ही ले लिया गया है.

अब ये कैसे पता चलेगा कि सच-मुच कौन सा resolutionलेने की ज़रूरत है? इसका कोई tried and tested तरीका तो नहीं है पर मैं आपसे वो तरीका share करना चाहूँगा जो मेरे लिए काम करता है.

मुझे जो बाते अपील करती हैं उन्हें मैं पहले एक diary में लिख लेता हूँ.( कभी किसी loose page  पे न लिखें उसके गायब होने में कुछ ही घंटे लगेंगे). अब मैं उन्हें  priority wise list  कर लेता हूँ. और सबसे पहली priority उसी की  होती है जो काम मुझे सबसे ज्यादा खुशी दे. अब मैं उस point को ले के काफी सोचता हूँ और visualize करता हूँ कि ये हो जाने पे कितना मज़ा आएगा …कितना अच्छा  feel  होगा….सच मानिए मैं उसके बारे में इतना ज्यादा सोचता हूँ कि वो काम शुरू हो जाता है. चाहे वो Kartavya (An NGO) की शुरुआत करना हो  या फिर AchhiKhabar.Com  को start  करना हो..काम होता ज़रूर है. सोच बड़ी चीज है.

तो यदि आपको कोई नयी आदत डालनी या छोड़नी है तो पहले उसके बारे में खूब सोचें.उसको हकीकत बनते सोचें उससे होने वाले फायेदे , मिलने वाली खुशी को सोचें; और अगर वाकई में आप इसको लेकर excited  feel   करते हैं तो फिर ले लें अपना  Resolution.   नहीं तो आगे बढ़ जाएँ..कोई ज़रूरी थोड़ी है की resolutionलिया ही जाये.

अगर इतना सब कुछ करने के बाद आपने resolution लिया है तो यकीन जानिये  आप  already  उन 90%  लोगों कि  category  से निकल चुके हैं जो अपने  resolution  को 10 दिन भी नहीं रख पाते हैं. अब बात आती है कि कैसे इस  resolution  को बनाये रखा जाये.

अपने लक्ष्य को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटें

आप इस बात से तो agree  करेंगे ही कि किसी बड़े काम को अगर छोटे-छोटे कई कामों में  divide  कर दिया जाये तो उसे करना आसान हो जाता है.

Student life  में मैं  अक्सर पढ़ने के लिए बड़े ही डिजाईनदार  Time-Table  बनाया करता था…..चाहे जो हो जाये कल से रोज 10  घंटे पढ़ना है….इतने बजे से इतने बजे तक Maths, इतने बजे से इतने बजे तक Chemistry, and so on,  पर दो दिन के अंदर उस Time Table का हवाई-जहाज बन जाता था और एक brand new time-table उसकी जगह ले लेता था..पर अफ़सोस इस वाले की भी नाव बन जाती थी. पर जब मैं infinite time की  जगह हफ्ते-हफ्ते भर का time-table बनाने लगा तो मुझे उसे follow करना आसान हो जाता था .

कुछ ऐसी ही trick अपने  resolution  के साथ की जा सकती है. आप अपना resolution इस प्रण के साथ मत शुरू कीजिये कि मैं आज के बाद हमेशा  time से  office  पहुंचूंगा बल्कि  आप कुछ यूँ शुरू कीजिये कि आज के बाद मैं लगातार 21  दिनों तक office time  से पहुंचूंगा. सिर्फ  21  दिनों तक उसके बाद जो होगा देखा जायेगा.  ऐसा करने से आपको ये resolution पहाड नहीं लगेगा और आपका अवचेतन मस्तिष्क इस बात को कहीं आसानी से  accept कर लेगा कि ये  काम doable  है.

अगर आप सोच रहे हैं कि 21  दिन ही क्यों , तो बता दें कि  Researchers  का मानना है कि यदि आपकी किसी काम को अपनी  habit  बनानी है तो कम से कम उसे 21 दिन करना चाहिए , और यदि आप उसे अपनी  personality  का हिस्सा बनाना चाहते हैं तो 6  महीने तक उसे करें.

21 दिन बाद क्या होगा ?

अगर आपने अपना काम सही ढंग से किया है तो अब तक ये आपकी habit में आ चुका होगा. और अब इसे जरी रखना कहीं आसान होगा.  और यदि ये आपकी habit में नहीं भी आया है तो भी आपने कुछ सफलता तो पायी ही होगी और ये आपको और अधिक सफलता कि तरफ प्रेरित करेगी, success breeds success.  एक  छोटा लक्ष्य  achieve करना आपके confidence  को बढ़ा देगा , अब आप अपना अगला goal  चुन  सकते हैं जैसे कि अगले 42 दिन तक  resolution  निभाने का लक्ष्य. और इस तरह से आप सच-मुच अपने resolution को निभा सकते हैं.

कुछ और Tips  जो मददगार हो सकती हैं :

  •  अपने resolution को बड़े बड़े अक्षरों में लिख कर अपने सामने रखें. For Example, “For next 21 days   मुझे सुबह Exercise करना है”
  • अपने resolution को कुछ खास लोगों को बताएँ,ऐसा करने पर आप खुद को थोडा answerable मह्शूश करेंगे. और resolution के follow  होने के chances  बढ़ जायेंगे.
  • खुद को माफ करना ज़रूरी है , यदि एक-आध बार आप अपने resolution से विचलित हो जाएँ तो उसे अपनी हार न माने बल्कि आगे और भी दृढ़ता से उसे निभाने का प्रयास करें.

और अंत में मैं आप सभी को अपनी तरफ से आने वाले नव वर्ष कि शुभकामनाएं देता हूँ. उम्मीद करता हूँ कि यदि आप कोई  new year resolution  लेंगे  तो उसे कामयाबी के साथ निभा भी पायंगे. All the best.

                                                                        🙂

नए साल से सम्बंधित पोस्ट्स:

निवेदन: कृपया अपने comments के through बताएं की ये POST आपको कैसी लगी .

यदि आपके पास English या Hindi में कोई good article,  news; inspirational story या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है:[email protected].पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!

2018 नव वर्ष पर निबंध व भाषण Happy New Year Essay Speech in Hindi

आप सभी को नव वर्ष 2018 की हार्दिक शुभकामनाएं। यह वर्ष आप सभी के जीवन में ढेर सारी सफलता और खुशियाँ लेकर आये। यह पोस्ट हमने स्कूल के बच्चों के लिए लिखा है जो इन्टरनेट पर Happy New Year Essay Speech in Hindi पढना और अपने स्कूल के लिए तैयारी करना चाहते हैं।

2018 नव वर्ष पर निबंध व भाषण Happy New Year Essay Speech in Hindi

नव वर्ष पर निबंध Happy New Year Essay in Hindi

नव वर्ष भारत में ग्रेगोरी कैलेण्डर के अनुसार 1 जनवरी को माना जाता है। यह दिन विश्व में हर किसी व्यक्ति के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण अवसर से भरा होता है। भारत के साथ-साथ विश्व के सभी देश नए साल के शुरुवात पर जश्न मनाते हैं और अपने प्रियजनों के साथ मिल कर इस दिन का मज़ा उठाते हैं।

लोग इस दिन गाना गाते हैं, नाचते हैं, तरह-तरह के खेल खेलते हैं, पार्टियों में जाते हैं, फ़िल्में देखने जाते हैं। शहरों की बात तो छोड़ें गाँव में भी लोग पिकनिक मनाने जाते हैं। 31 दिसम्बर की रात के 12 बजे, नए साल से एक दिन पहले लोग जश्न मनाते हैं खूब सारे पटाखे भी फोड़ते हैं।

नए साल के प्रथम दिन लोग एक दुसरे को नव वर्ष की शुभकामनाएं देते हैं और कुछ लोग ग्रीटिंग कार्ट देते हैं, गिफ्ट देते हैं और साथ मिल कर पार्क में घूमने भी जाते हैं। इस दिन टेलीविज़न पर मीडिया चैनल वाले भी लोगों के द्वारा आयोजित तरह-तरह के प्रोग्रामों को टीवी पर टेलीकास्ट करते हैं। इस दिन हर कोई व्यक्ति जीवन में एक नई और अच्छी शुरुवात करने की सोचते हैं।

बड़े-बड़े शहरों जैसे मुंबई, दिल्ली, बैंगलोर और चेन्नई में बड़े लाइव कॉन्सर्ट किये जाते हैं जिनमें बॉलीवुड के सितारे और मशहूर लोग एकत्र होते हैं और कार्यक्रम में भाग लेते हैं। हजारों की तागाद में लोग उनके इन समारोह को देखने के लिए आते हैं। कुछ लोग अपने परिवार, मित्रों के साथ घर में मिलकर पार्टी मनाते हैं तो कुछ लोग बाहर घूमने जाते हैं।

यह सब समारोह बस इसलिए होते हैं ताकि हम बीते हुए साल को हँसते-हँसते विदा कर सकें और हँसते-हँसते ढेर सारी खुशियों, उमंगो और नयी आशाओं के साथ नए वर्ष का स्वागत कर सकें।

भारत में  ग्रेगोरियन कैलंडर के 1 जनवरी को सभी सरकारी दफ्तर, व्यापार खुले रहते हैं और सभी परिवहन की सुविधा उपलब्ध होती है। ऐसे समय में ज्यादातर मेट्रो शहर में सुरक्षा के पैमानों को बढ़ा दिया जाता है क्योंकि ऐसे समय में ज्यादा भीड़ के कारण बहुत सारी दुर्घटनाएं होने की सम्भावना होती है। नए वर्ष के आगमन के दिनों में गोवा जैसे स्थानों में विश्व भर से पर्यटक आते हैं ऐसे में सुरक्षा की जरूरत बहुत ज्यादा होती है।

परंपरागत रूप से नए वर्ष को 1 मार्च को मनाया जाता है पर अधिक धार्मिक महत्व होने के कारण 1 जनवरी को इसका जश्न मनाया जाता है। भारत में पश्चिमी सभ्यता के बढ़ते चलन के कारण नव वर्ष का दिन 1 जनवरी, भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण उत्सव का दिन माना जाता है।

नव वर्ष पर भाषण Happy New Year Speech in Hindi

माननीय प्रधानाचार्य महोदय, अध्यापकगण, और मेरे प्यारे मित्रों, आप सभी को मेरी तरफ से शुभ प्रभात। आज में इस नए वर्ष के पहले दिन में अपने कुछ विचार आप सबके साथ व्यक्त करना चाहता हूँ।

एक वर्ष में 365 दिन होते हैं पर सभी वर्ष कैसे बीत जाते है यह हमें पता भी नहीं चल पाता। यह वर्ष किसी के लिए बहुत ही अच्छा गुज़रता है तो किसी के लिए बहुत बुरा। जिनके दिन बीते साल अच्छे गए थे वे लोग इस दिन यह कामना करते हैं की उन्हें आने वाले साल में ऐसी खुशियाँ मिलती रहे और जिनके साथ बुरा या दुखदाई हुआ था वो भी वही कामना करते हैं।

इसका सही अर्थ यह है की इस दिन हर कोई एक नये उमंग के साथ एक नयी शुरुवात करने की सोचते हैं। यह वो समय होता है जब हम मुश्किलों का हल ढूँढ़ते हैं। यह वो समय है जब हम लोग कुछ अच्छा सोचते हैं अपने सफलता के लिए नया लक्ष देखते हैं।

इस दिन हर किसी व्यक्ति के मन में एक सकारात्मक भावना की लहर होती है। अपने पुराने नकारात्मक विचारों को हर कोई छोड़ कर कुछ अच्छा और सुनहरा करने की शुरुवात में लग जाते हैं।

मैं इस नव वर्ष के शुरुवात में आप सभी को अपनी शुभकामनायें देना चाहता हूँ और कहना चाहता हूँ आप सभी को ढेर सारी खुशियाँ, अच्छे स्वास्थ्य के साथ सफलता मिले और आप सब तरक्की करें।

नमस्कार!

Categories: 1

0 Replies to “New Year Resolution Essay In Hindi”

Leave a comment

L'indirizzo email non verrà pubblicato. I campi obbligatori sono contrassegnati *